पंचायत चुनाव को लेकर तेज हुई हलचल
हरियाणा में पंचायत चुनाव की समय-सीमा को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि वर्तमान पंचायतों का कार्यकाल नवंबर 2027 में समाप्त होना है, लेकिन राज्य में चुनाव करीब छह महीने पहले, यानी मई-जून 2027 में कराए जाने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। इस चर्चा के बाद गांवों में संभावित प्रत्याशियों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।
आगामी चुनावों में सरपंच, पंचायत समिति और जिला परिषद के दावेदार अभी से जनसंपर्क अभियानों में जुट गए हैं। इस बार का चुनाव पूरी तरह से स्थानीय विकास कार्यों और गांवों की बुनियादी जरूरतों पर केंद्रित रहने की उम्मीद है।
चुनावी एजेंडे के मुख्य बिंदु
गांवों के विकास को गति देने के लिए निम्नलिखित मुद्दे प्रमुख रूप से चुनाव का आधार बनेंगे:
- पेयजल आपूर्ति और सीवरेज प्रणाली में सुधार।
- गांव की गलियों को पक्का करना और वहां स्ट्रीट लाइट्स की व्यवस्था।
- गांवों में सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना।
- स्कूल, पार्क, जिम और खेल मैदानों जैसे बुनियादी ढांचे का विकास।
- बिजली आपूर्ति और बेहतर परिवहन सुविधाओं का विस्तार।
आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार
चुनावों के समय को लेकर चल रही तमाम अटकलों के बीच अब नजरें हरियाणा सरकार और राज्य चुनाव आयोग की ओर हैं। आधिकारिक घोषणा के बाद ही चुनाव की तारीखें और पूरा कार्यक्रम स्पष्ट हो पाएगा।
इस बार पंचायतों को और अधिक सशक्त और मजबूत किया जाएगा। विकसित भारत 2047 का सपना तभी पूरा होगा जब देश के गांव विकसित होंगे। – कृष्ण लाल पंवार, पंचायत मंत्री, हरियाणा सरकार
